ਜੇ ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਜਾਣਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਤੂੰ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕਰਦਾ ਹੈ।
तेरी अकड़ को तो हम चाय में डुबोकर पी जाएं,
क्या बदमाशी शायरी सिर्फ दोस्तों के बीच की जाती है?
दिखता नहीं हूँ कसम से पर मैं बदमाश बहुत हूँ।
दुश्मनों की नींद उड़ाने का हुनर आज भी है।
ये वो किस्मत है जो हर किसी को नहीं मिलती।
यारी में ऐसी मस्ती ही असली इबादत बन चुकी है।
हम वो लोग हैं, जो खामोशी में भी गूँजते हैं,
क्योंकि स्टाइल में रहना ही असली बदमाशी होता है।
वरना दिल में बस जाएंगे और धड़कन रोक देंगे।
जड़ से मिटा दूंगा तुझे कसम है तेरे बाप की !!
सामने click here सालो का मुंह नही खुलता बस इतना ही काफी है…!
नाम तो सबका चलता है, पर दबदबा सिर्फ हमारा होता है,
हम चुप क्या रहते हैं, लोग हमें कमजोर समझ लेते हैं